जबलपुर (नवनीत दुबे)वर्तमान में जो परिदृश्य दर्शित हो रहे है वह गौरवांवित करने वाले है,किंतु गौरव में भी शंशयात्मक प्रश्नचिन्ह लग रहा है?सर्वविदित है बीते वर्ष प्रयागराज में हुए कुंभ ने नए नए कीर्तिमान रच स्वर्णिम अक्षरों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा ली,ओर इसी कुम्भ आयोजन में जो देखने मे आया सनातन की अखंडता ओर सर्वोपरि वर्चस्वता का प्रत्येक हिंदुस्तानी के हृदय में आस्था और समर्पण का भाव दर्शा गया,तो वही ग्लेमर जगत से जुड़ी हस्तियां भी भगवा के रंग में रंगकर सुख एश्वर्य का लग्जरी जीवन त्याग कर संत जीवनशैली और पद्धति के प्रति आत्ममनोभाव से समर्पित हो भगवा वस्त्र धरण कर किसी न किसी अखाड़े या महामंडलेश्वर से दीक्षा लेकर अपना सारा जीवन सांसारिक मोह से विरक्त कर सनातन की सेवा और प्रभु भक्ति को समर्पित कर दिया,इस समूचे हृदय परिवर्तन के क्रम में एक बात जनमानस में चर्चा का विषय बनी हुई है ,कहा जाता है चाहे जगतगुरु हो,आचार्य हो,महामंडलेश्वर हो, या अन्य उपाधियां जो संत समाज व अखाड़ों के प्रमुख मठाधीसो द्वारा इस जीवनशैली में शामिल हो गुरु परंपरा का अनुसरण करने वाले सांसारिक जीवन से मोहमाया त्याग इस पद्धति को अपनाने वालो को मिलती है ,जो वैदिक रीति -रिवाज,सनातनी पूजन पद्धति,शास्त्रों के ज्ञान,व सनातन की महत्वता को सर्वोपरि रखने के साथ ही हिन्दू समाज के लिए कार्य करने में अपना जीवन व्यतीत करने का ध्येय रखते है,किंतु ग्लेमर जगत से आय लोग इन नियम पद्धतियों में कितने निपुण होते है ,जो भगवा धारण कर सनातन समाज के अनुयायियों के पूजनीय बनने की मंशा रख किसी न किसी पद उपाधि से सुशोभित हो जाते है,सर्वविदित है बॉलीवुड की कुछ अभिनेत्रियां व मॉडल इन दिनों खासी चर्चा में है ,ओर जिन्हें वाइल्ड कार्ड संत समाज के सम्मानीय पद उपाधि से विभूषित कर दिया गया है ,वे कितना धर्म के विषय मे ज्ञान रखती है ,ओर गुरु परंपरा के साथ ही अखाड़ों की मान-मर्यादा की पद्धति से परिचित है ,शास्त्रों का कितना ज्ञान है?
इत्यादि कुछ प्रश्न जो आम जनमानस में चर्चा का विषय बने हुए है,मुद्दे की बात पर आते है जो कटु है पर सोलह आने सत्य है वर्तमान में हिंदुत्व ग्लेमर फेस बनने का शशक्त माध्यम बन चुका है ,जिसे देखो सनातन की हुंकार भर हिंदुत्व का ढोल पीटकर खुद को हाईलाइट करने की दौड़ में अग्रणी है,तो सीधी सी बात है बॉलीवुड की अभिनेत्रियां व मॉडल भी इस ग्लेमर की बहती धारा में खुद को भिगो कर हिन्दू समाज की पूजनीय बनने की मंशा से भगवा धारण कर सांसारिक मोहमाया से परे दर्शा कर एक सनातनी ग्लेमर फेस बनने सहज सरल मार्ग अपनाने अग्रणी ही रही ,जबकि लग्जीरियस जीवन शैली संत समाज की जीवन पद्धति से कोसो दूर होती है ,किंतु वर्तमान में पद उपाधियों से विभूषित ग्लेमर की दुनिया के नामी चेहरे लग्जीरियस जीवन शैली के साथ भगवा धारण कर हिंदुत्व की हुंकार भर रहे है ?
