जबलपुर – जिस उम्र में बच्चों को अच्छे रास्ते के लिए सही सीढ़ी दिखाई जाती है, उस उम्र में स्कूल संचालक मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले स्कूलों के खिलाफ एनएसयूआई ने आज मोर्चा खोल दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने छात्रनेता अनुराग शुक्ला व शफी खान के नेतृत्व में कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर 450 से अधिक अवैध प्ले स्कूलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
एनएसयूआई छात्र नेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने कहा कि सूचना का अधिकार से खुलासा हुआ है कि जबलपुर में 600 से अधिक प्ले स्कूल चल रहे हैं, लेकिन शासन से मान्यता सिर्फ 146 स्कूलों को ही मिली है। शेष 450 स्कूल बिना किसी वैध अनुमति, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। 1.5 से 5 साल तक के मासूम बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं,जहां राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि जिन 146 स्कूलों को मान्यता मिली है, उनमें भी कई एक ही संस्था के नाम से पोर्टल पर 6-6 बार पंजीकृत हैं। मान्यता शुल्क मात्र 2100 रुपए होने के बावजूद संचालक पंजीयन से बच रहे हैं, क्योंकि विभागीय कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। अवैध फीस वसूली का भी आरोप ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से एडमिशन फीस,एनुअल चार्ज और एक्टिविटी फीस के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही हैं। शासन स्तर पर इनका कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, फिर भी हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं। पूर्व में शासन द्वारा शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी किंतु वर्तमान में कारवाई न होने से शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि जिले के सभी प्ले स्कूलों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराकर बिना मान्यता संचालित 450 स्कूलों को तुरंत बंद कर संचालकों पर 5000 रुपए जुर्माना लगाया जाए। अवैध फीस वसूलने वाले स्कूलों से अभिभावकों को राशि वापस दिलाई जाए,मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची और शुल्क संरचना सार्वजनिक की जाए,फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और प्रशिक्षित स्टाफ की जांच कर अमानक स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश सचिव प्रतीक गौतम,अदनान अंसारी,अंकित शुक्ला,एजाज अंसारी,सैफ मंसूरी,अंकित कोरी,गौरव जायसवाल,युग ठाकुर,अनिकेत तिवारी,दक्ष रैकवार,वकार खान,रोहन राजपूत सहित सैकड़ो छात्र मौजूद थे।
