जिला चिकित्सालय विक्टोरिया में स्वास्थ सेवा का लाभ लेकर तंदरुस्त हो रहे चूहे ?जिम्मेदार शासकीय पद के मद में

News Desk
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जबलपुर(नवनीत दुबे)जिले की स्वास्थ व्यवस्था को लेकर आय दिन शासकीय भर्राशाही की पोल किसी न किसी रूप में खुलती रहती है ,पर जिम्मेदारों को शासकीय पद के मद में स्वास्थ विभाग की लचर कार्यप्रणाली से कोई सरोकार नही ?ऐसा हो भी क्यो न सभी सुविधाये ओर ऐशो आराम के साथ मोटी पगार सरकार समय पर दे देती है तो फिर कर्तव्यनिष्ठा ओर ईमानदार कार्य प्रणाली से सिर्फ औपचारिक वास्ता ही प्रदशित कर मलाईदार विभाग का लुत्फ लेकर आनंद पूर्ण जीवन व्यतीत करना ही स्वास्थ विभाग के अधिकारियों व अधीनस्थों की जीवन शैली में शुमार हो चुका है,विदित हो के संस्कारधानी के शासकीय अस्पताल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और जिला चिकित्सालय विक्टोरिया में जिम्मेदारों की उदासीन कार्यपद्धति चर्चा का विषय बनी रहती है इसी क्रम में विक्टोरिया अस्पताल की कार्य प्रणाली सवालों के कटघरे में रहती है ,कभी मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार ,कभी उनके परिजनों को अपमानित करना तो कभी सुविधाओ के अभाव का खामियाजा यहाँ इलाजरत मरीजों को भोगना ?मुद्दे की बात पर आते है बीते दिन विक्टोरिया अस्पताल में कुछ ऐसा दृश्य देखने मिला जिससे स्वास्थ विभाग की लचर ओर भर्राशाही युक्त व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया,विडंबना ही कहेंगे जहाँ इलाज करवा कर स्वस्थ लाभ लेने मरीज भर्ती है, वहा मरीजो से ज्यादा चूहों के प्रति विक्टोरिया का स्वास्थ्य अमला सह्रदयता ओर प्रेम का प्रदर्शन दिख रहा है

,चुन्हों की कुछ इस तरह सेवा हो रही है के वो दिन ब दिन तंदरुस्त होते जा रहे है,ओर विभागीय अधिकारियों और अधीनस्थों की कृपा से वार्डो में खुलेआम आतंक मचा रहे है ,यहाँ भर्ती मरीजों को शारीरिक क्षति पहुचने के साथ ही उनके समान व खाद्य सामग्री को भी तहस नहस कर रहे है,लेकिन वाह री व्यवस्था जिमेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को कोई फर्क ही नही पड़ रहा ?चर्चा तो ये भी है के जिस तरह विक्टोरिया ओर मेडिकल अस्पताल में चूहों के परिवार बड़ी संख्या में बढ़ रहे है और अपना बसेरा बना चुके है उसे देखते हुए स्वास्थ अधिकारी चूहों के अवैध अतिक्रमन को खाली करवाने टेंडर निकालने की तैयारी में है ?

और चूहों के आतंक से मरीजों को मुक्ति दिलाने लमसम राशि मे टेंडर निकाला जा रहा है जो चूहों के अवैध अतिक्रमण से विक्टोरिया ओर मेडिकल अस्पताल को निजाद दिलायेगा ? विडंबना ही कहेंगे कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर शासकीय मद से आने वाली करोड़ो की राशि किस तरह बंदरबाट की भेंट चढ़ रही है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण स्वास्थ विभाग की चरमराई, लचर ,भर्राशाही युक्त दशा और कार्यप्रणाली है ?

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