एम.पी. ट्रांसको ने वर्ष 2025 में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियां : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ड्रोन पेट्रोलिंग का 400 व 132 के.व्ही. लाइनों तक विस्तार

News Desk
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जबलपुर वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं।ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए.मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की, जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये, जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है।724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माणइस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है, जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया।

पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई।ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है, प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।

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