जबलपुर। भक्त शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर समरसता सेवा संगठन द्वारा मप्र तैलघानी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रविकिरण साहू, समाजसेवी सेवानिवृत मुख्य टिकिट निरीक्षक पमरे बृभूषण त्रिपाठी, आचार्य देवेंद्र त्रिपाठी के आतिथ्य एवं समरसता सेवा संगठन अध्यक्ष संदीप जैन, सचिव उज्जवल पचौरी की उपस्थिति में विचार गोष्ठी का आयोजन अग्रवाल धर्मशाला गौरीघाट में किया गया। विचार गोष्ठी के पश्चात समस्त अतिथियों एवं आगँतुक जनों ने नर्मदा उद्यान गौरीघाट में संत रविदास जी की पावन स्मृति में नीम का पौधा रोंपा।विचार गोष्ठी को ने सम्बोधित करते हुए रविकिरण साहू कहा संत रविदास जी जैसे संतों का अवतरण हमारे देश में हुआ। जिनके समरसता के संदेश ने सम्पूर्ण भारत को सदभाव और एकता के सूत्र में बांधे रखा।
संत रविदास जी के कर्म प्रधानता और समरसता के सिद्धांत को हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। संत रविदास जी के समय जातिगत भेदभाव चरम सीमा पर था। समाज में व्याप्त रूढ़ियाँ, अंधविश्वास और भेदभाव के खिलाफ रविदास जी जन जागरण का अभियान चलाया।विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बृजभूषण त्रिपाठी ने कहा संत रविदास उत्तर भारत के 15वीं से 16वीं शताब्दी के बीच भक्ति आंदोलन के एक कवि, विचारक, सिद्धांतवादी, समाज सुधारक एवं संत शिरोमणि थे। गुरु रविदास कबीर के समसामयिक थे, उन्होंने भक्ति एवं सेवा के सहज एवं सरल स्वरूप का संदेश दिया। धार्मिक भावनाओं के आधार पर प्रचलित रुढ़ियों को दूर करने के लिए उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” जैसे सूक्तियों के आधार पर कांति का बिगुल फुका। समाज में व्याप्त असमानता को दूर करने के लिए वे निरंतर प्रयास करते रहें। उन्हें सामाजिक समरसता का प्रणेता कहा जाता है। आज राष्ट्र के सम्मुख रूढ़िवादी विचारधारा के समाधान में संत रविदास के घोषित मार्ग पर व्यापक पैमाने पर प्रस्तावना होगी।आचार्य देवेंद्र त्रिपाठी ने अपने सम्बोधन में कहा संत रविदास ने ईश्वर भक्ति के संदेशों को भी समाज में प्रसार करने का काम किया है। संत शिरोमणि श्री रविदास जी सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक थे। उनके प्रेरक संदेशों से आगे बढऩे के लिए आज समाज को आवश्यकता है।कार्यक्रम का संचालन सचिव उज्जवल पचौरी, संचालन धीरज अग्रवाल एवं आभार संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन ने व्यक्त किया।इस अवसर पर मुन्नीलाल अहिरवार, पार्षद श्रीमती मालती चौधरी, राजेन्द्र चौधरी, बारेलाल यादव, डॉ भास्कर अहिरवार, रोशन लाल चौधरी, संजय दुबे, पुरस्कृत सेंगर, रघुवरदास अहिरवार, राकेश चौधरी, नरेश चौधरी, पंकज शुक्ला, रूपेश साहू, ज्योति शुक्ला, बृजेन्द्र अहिरवार, नंद कुमार रत्नेजा, दिनेश चमोली, अनिल सोनी, किशन सिंह राठौर, शिवरतन पटेल, मनोज यादव, नितिन अग्रवाल, विनीत यादव के साथ सामाजिक जन उपस्थित थे।
