जबलपुर शहर से इस वक्त की एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। अपनों को खोने के बाद श्मशान घाट पहुंचने वाले परिजनों को वहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी दुखों का सामना करना पड़ रहा है।श्मशान घाट परिसर में ना तो पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध है और ना ही बैठने के लिए कुर्सियों की कोई व्यवस्था।
इसके अलावा चारों ओर गंदगी और काई जमी हुई है, जिससे हादसों का डर बना रहता है।स्थानीय नागरिकों और एडवोकेट दीपांशु साहू,आशीष मिश्रा ने नगर निगम प्रशासन और सत्ताधारी नेताओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के लिए जो लकड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं, वे पूरी तरह गीली हैं और उनके अनाप-शनाप दाम वसूले जा रहे हैं।दुख की इस घड़ी में पहुंचे लोगों को राहत मिलने के बजाय श्मशानN की अव्यवस्थाओं से और अधिक मानसिक व शारीरिक कष्ट झेलना पड़ रहा है।अब देखना यह होगा कि इस आवाज के बाद जबलपुर नगर निगम और प्रशासन श्मशान घाटों की इस बदहाली को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
