एमपी ट्रांसको के 132 केवी पोलोग्राउंड (चंबल) सबस्टेशन के 60 वर्ष, : मालवा के औद्योगिक विकास का रहा सशक्त आधार मालवा क्षेत्र का दूसरा तथा मध्यप्रदेश का पांचवां सबसे पुराना एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन

News Desk
3 Min Read

जबलपुर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंदौर स्थित 132 केवी पोलोग्राउंड (चंबल) एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन ने अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। 30 अगस्त 1966 को ऊर्जीकृत हुआ यह सबस्टेशन मालवा क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और शहरी विकास की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आज भी यह सबस्टेशन इंदौर महानगर को विश्वसनीय विद्युत पारेषण उपलब्ध कराने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल है।एमपी ट्रांसको का यह सबस्टेशन मालवा क्षेत्र का दूसरा तथा मध्यप्रदेश का पांचवां सबसे पुराना एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशन है। भारत का मैनचेस्टर कहे जाने वाले इंदौर में प्रारंभिक वर्षों में अनेक कपड़ा मिलों को विद्युत आपूर्ति इसी सबस्टेशन के माध्यम से की जाती थी। बाद में शहर के विस्तार, औद्योगिक विकास और बढ़ती विद्युत मांग के साथ इसकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।10 एमवीए क्षमता और दो 33 केवी फीडरों के साथ शुरू हुए इस सबस्टेशन में वर्तमान में तीन पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं तथा इसकी क्षमता 176 एमवीए हो चुकी है। अब यहां से 16 फीडरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों को विद्युत पारेषण किया जा रहा है। समय-समय पर उपकरणों, नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रणालियों का उन्नयन भी किया गया है। हाल के वर्षों में 33 केवी फीडरों के क्रॉसिंग नेटवर्क को भूमिगत केबल प्रणाली में परिवर्तित करने जैसे कार्य किए गए हैं, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ी है।जापान से समुद्र मार्ग से लाया गया था ट्रांसफार्मर132 केवी पोलोग्राउंड (चंबल) सबस्टेशन में स्थापित पहला 10 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर जापान की हिताची कंपनी द्वारा निर्मित था, जिसे समुद्री मार्ग से मुंबई और वहां से सड़क मार्ग द्वारा इंदौर लाया गया था। इसी ट्रांसफार्मर के माध्यम से 30 अगस्त 1966 को इंदौर में अति उच्च दाब विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की शुरुआत हुई थी। सबस्टेशन का नाम चंबल इसलिए रखा गया क्योंकि प्रारंभिक दौर में यहां विद्युत आपूर्ति गांधी सागर बांध से प्राप्त बिजली के माध्यम से की जाती थी।प्रदेश की विकास यात्रा का साक्षीः ऊर्जा मंत्री श्री तोमर*-ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि 132 केवी पोलोग्राउंड (चंबल) सबस्टेशन न केवल इंदौर बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसने औद्योगिक विस्तार, आर्थिक गतिविधियों और शहरी विकास को आवश्यक ऊर्जा आधार उपलब्ध कराया है। वहीं एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि छह दशकों की यह उपलब्धि अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा पूर्व कार्मिकों के समर्पण और सतत प्रयासों का परिणाम है।

Share This Article