जबलपुर(नवनीत दुबे)सर्वविदित है के आरक्षण के मसौदे में बाबा साहब अंबेडकर ने आरक्षण नीति को सिर्फ दस वर्षों तक लागू करने का प्रारूप बनाया था ,हालांकि अंबेडकर जी उस समिति के सदस्य थे जिनके द्वारा संविधान का मसौदा निर्धारित किया गया था जिसमे प्रमुख भूमिका बी एन राव व अन्य बुद्धिजीवियो की थी, दलित और शोषित वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने अंबेडकर जी ने आरक्षण नीति पर जोर दिया था,किंतु सियासत के तत्कालीन आकाओं ने इस आरक्षण नीति को सत्ता की कुर्सी पर काबिज रहने ब्रम्हास्त्र के रूप में प्रयोग किया ,जिसके चलते ऊंच -नीच की खाई खोदकर सत्ताधारी अपनी सियासती मंशाओं को पूर्ण करते रहे ,ओर आज भी हिंदुस्तान की राजनीति जातिगत भेदभाव की आग लगाकर सियासतदारों की सियासती रोटी सेंकने का शशक्त माध्यम है,खेर मुद्दे की बात पर आते है दुर्भाग्य कहे या विडंबना के स्वर्ण समाज आजादी के बाद से वर्तमान तक सिर्फ सत्ताधारियो की दोगली नीतियों का शिकार होता आ रहा है
आरक्षण के नाम पर स्वर्ण,दलित,पिछड़ा,आदिवासी के नाम पर हिन्दू समाज को विभाजित किया गया है जो आज भी बदस्तूर जारी है, हाल ही में भाजपा की मोदी सरकार ने जो यूं, जी,सी, बिल लाकर हिन्दू समाज को खण्ड खण्ड करने का सियासती दाव खेल देश को जातिगत हिंसा की आग में झोंक दिया है,जिसकी परिणीति वैमनस्यता ओर द्वेष भाव की आग को भयावह रूप देगी ,जिस तरह से स्वर्ण समाज को कुचलने के ये षड्यंत्र भाजपा की मोदी सरकार ने किया है,उससे एक बात तो स्पष्ट हो जाती है के केंद्र और प्रदेश की सत्ता में बैठे स्वर्ण समाज के भाजपाई चाहे सांसद हो,विधायक हो,या संगठन में पदासीन सभी के सभी तीन बंदरो की भांति आंख ,कान,मुह, बंद कर मोदी जी की चरण चाटुकारिता को ही सर्वोपरि मानते है,ओर स्वर्णो के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ बोलने का साहस नही रखते ,हालांकि ये कहना अतिश्योक्ति नही होगा के जिस तरह हरिजन एक्ट के चलते न जाने कितने बेकसूर जेल की सलाखों के पीछे है ,ओर झूठे केसों में फंसकर अपना सब लुटा चुके है,ठीक उसी तरह ये नया यूं, जी,सी,एक्ट स्वर्ण समाज के युवाओं के भविष्य को अंधकार में ले जायेगा और इस एक्ट के लाभार्थी अपनी दबंगई दिखा कर स्वर्ण समाज के प्रतिभावान,युवाओ के स्वर्णिम भविष्य को इस एक्ट का सहारा लेकर दिशाविहीन कर देंगे,हालांकि इस बात से भी इंकार नही किया जा सकता है
स्वर्ण समाज के युवा बेकसूर होते हुए भी जेल जायँगे तो उसकी परिणीति बहुत भयावह होगी जो अपराध और हिंसा के रूप में सामने आएगी,एक ओर तो भाजपा सरकार सबका साथ ,सबका विकास की बात करती है,बटोगे तो कटोगे के नारे बुलंद करती है पर वास्तविकता यही दर्शित हो रही के ये सब सियासती जुमलेबाजी है बांटने ओर काटने की फैक्ट्री ये सत्ताधारी ही जातिगत भेद उतपन्न कर चालयमान कर रहे है,हालांकि स्वर्ण समाज इस एक्ट के विरोध में सड़कों पर उतर आया है और मोदी सरकार के विरोध में बिगुल बज चुका है,जिसका खामियाजा सत्तालोलुपो को चुनाव में भुगतना पड़ेगा,सत्ता में बैठे भाजपाई आकाओं की करनी कथनी इसी बात से संमझ आ रही है के “जात-पात की करो अगुवाई सत्ता में बने रहे सब करेंगे भाजपाई”, अंततः एक बात तो स्पष्ट हो गई के जो स्वर्ण भाजपा और मोदी पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे सत्ता में बैठे हुक्मरानों ने अपनी दोगली नीति से उनके विश्वास को क्षत-विक्षत कर दिया है ?
