जबलपुर (नवनीत दुबे)मध्यप्रदेश पुलिस की आन बान शान खाकी को कलंकित करने वाले विभाग के ही कुछ अधिकारी से लेकर आरक्षक तक पैसों की अंधी भूख के चलते अपने ईमान ओर कर्तव्यनिष्ठा को दांव पर लगा दिए ,परिणीति छबि दागदार ,अपने ही विभाग में कलंक की स्याही से दामन पर जीवन भर के लिए काला दाग सुशोभित कर लिए ?सर्वविदित है के करोड़ो की हवाला राशि की आपसी बंदरबांट के चक्कर मे इन पुलिस अधिकारियों का कय्या हश्र हुआ,मुद्दे की बात पर आते है मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त आदेश के बाद इस प्रकरण में दोषी ख़ाकीधारियो के चेहरे परत दर परत बेनकाब करने में विशेष जांच टीम लगी हुई है और अभी कई बड़े चेहरे सामने आने की बात हो रही है ?तो वही सिवनी में हुए हवाला कांड के जांच की आंच में जबलपुर पुलिस के भी कुछ ख़ाकीधारियो के नाम की चर्चा है और जांच दल गोपनीय तरीके से इन महोदय जनों की कुंडली निकालने में लगा है ,कयास ये लगाय जा रहे है के जिन नामो को संदेह के घेरे में रखा गया है अगर वो आरोपी बनाय गए तो पूरे महकमे में खलबली मच जायेगी ,हालांकि आमजनों में एक चर्चा आम होती है के पुलिस विभाग में चहुओर से लष्मी कृपा बरसती है फिर चाहे आरक्षक हो या उच्च अधिकारी ?
हालांकि कुछ खाकीधारी वर्दी की अस्मिता को सर्वोपरि रखते है इस अंदर टेबिल धन लाभ को दरकिनार करते हुए अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को अहमियत देते है,विभागीय सूत्रों की माने तो सिवनी में हुए हवाला कांड की आग इतनी तेज फैली है के प्रदेश से केंद्र तक इसकी गर्माहट महसूस की जा रही है,जहाँ एक ओर प्रदेश के मुखिया मोहन यादव इस गबन कांड से पुलिस विभाग पर वक्र दृष्टि बनाये हुए है और खाकी के दागदार चेहरों को सार्वजनिक करने आदेशित कर चुके है ,तो वही जांच की आंच में खुद को झुलसता महसूस करने वाले कुछ पुलिस अधिकारी अपने अपने स्तर पर दिल्ली दरबार के सियासती भगवानों की चौखट पर माथा टेककर दंडवत हो रहे है और अपने सियासती भगवानों को प्रसन्न करने खुले दिल से चढ़ावा चढ़ाने की मंशा लिए हुए है ?
अब देखना ये है के हाई प्रोफाइल सिवनी हवाला कांड में शामिल रहे वो गुमनाम चेहरे अपनी अस्मिता ओर ऐश्वर्य वैभव से भरी नोकरी बचा पाने में किस हद तक सफल होते है ?साथ ही सियासती हस्तक्षेप जांच दल की निष्पक्ष कार्यवाही को प्रभावित करता है या गबन कांड में शामिल सभी दागदार खाकीधारी कारागृह की सुखद अनुभति को प्राप्त करते है या नही ?
