जबलपुर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 220 केवी सबस्टेशन नयागांव (जबलपुर) और नरसिंहपुर को शीघ्र ही विद्युत पारेषण का एक नया एवं विश्वसनीय स्रोत मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने भेड़ाघाट क्षेत्र में चल रहे परियोजना कार्यों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।220 केवी लाइन निर्माण की समीक्षा प्रबंध संचालक ने भेड़ाघाट सबस्टेशन के समीप पूलिंग सबस्टेशन से लिलो प्वाइंट तक निर्मित हो रही 220 केवी लाइन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन से पहले शेष कार्य पूर्ण किए जाएं ताकि इसका लाभ इसी सीजन में मिल सके।भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन में हो रही है 220 केवी लाइन लिलो वर्तमान में नयागांव और नरसिंहपुर सबस्टेशन मुख्य रूप से पावर ग्रिड के 400 केवी सूखा सबस्टेशन तथा जनरेशन कंपनी के अमरकंटक और बिरसिंहपुर स्रोतों पर निर्भर हैं। बढ़ते लोड को देखते हुए एमपी ट्रांसको ने पावर ग्रिड के 765 केवी भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन से अतिरिक्त विद्युत निकासी की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसके तहत 220 केवी जबलपुर-नरसिंहपुर लाइन के दोनों सर्किटों को भेड़ाघाट सबस्टेशन में लिलो किया जा रहा है। लम्हेटी गांव से भेड़ाघाट तक लगभग 7 किलोमीटर लाइन के लिए 45 टावर स्थापित किए जा रहे हैं।परियोजना पूरी होने पर मिलेगा 600 मेगावाट का लाभ परियोजना पूर्ण होने पर नयागांव और नरसिंहपुर सबस्टेशन को 300-300 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत पारेषण क्षमता उपलब्ध होगी। इससे महाकौशल क्षेत्र की उपलब्ध स्थानांतरण क्षमता (एटीसी) बढ़ेगी तथा विद्युत पारेषण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी।1000 मेगावाट विद्युत की रहेगी उपलब्धता पावर ग्रिड के 765 केवी भेड़ाघाट पूलिंग सबस्टेशन में 500-500 एमवीए क्षमता के दो 400/220 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं,
जिससे लगभग 1000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध रहेगी। साथ ही एनटीपीसी चीचली (गाडरवाड़ा) से मध्यप्रदेश के हिस्से की 756 मेगावाट बिजली की निकासी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह व्यवस्था जबलपुर, नरसिंहपुर और पिपरिया क्षेत्र की आगामी वर्षों की विद्युत आवश्यकता को पूरा करने में सहायक होगी।ये अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस) डी.के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता (कार्य) एस.के. दुबे, अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडेय, कार्यपालन अभियंता हर्ष श्रीवास्तव, ए.पी.एस. चौहान, जितेंद्र तिवारी तथा सहायक अभियंता राजेश तिवारी उपस्थित थे।
