जबलपुर ।मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में महिला अधिकारी-कर्मचारियों की तरह अब दिव्यांग इंजीनियर भी तकनीकी और मैदानी कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। बीना स्थित 220 केवी सबस्टेशन में 200 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के मानसून-पश्चात रखरखाव कार्य में दो दिव्यांग इंजीनियर अपने सहकर्मियों के साथ जुटे रहे इसके अलावा वह लगातार डिवीजन में हो रहे विभिन्न रूटीन, ब्रेकडाउन और प्रीवेंटिव मेंटिनेस में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।टेस्टिंग डिवीजन 400 केवी बीना में अस्सिटेंट इंजीनियर ट्रेनी ऋषिकांत सेन, जिनका दाहिना हाथ नहीं है, और जूनियर इंजीनियर ट्रेनी शुभम श्रीवास्तव रखरखाव एवं परीक्षण कार्य में कार्यपालन अभियंता अर्चित श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में अपनी तकनीकी भूमिका निभा रहे हैं।अर्चित श्रीवास्तव के साथ सहायक अभियंता रजत जैन लगातार तकनीकी ट्रेनिंग देने के अलावा इनका उत्साह और मनोबल भी बढ़ा रहे हैं।ट्रांसफार्मर की जांच, परीक्षण और रखरखाव जैसे कार्यों में उनकी भागीदारी एमपी ट्रांसको के तकनीकी कार्यों में दिव्यांग कर्मचारियों की सहभागिता को सामने लाती है।पहले से विभिन्न दायित्व निभा रही हैं महिला अधिकारी एमपी ट्रांसको में महिला अधिकारी-कर्मचारी पहले से ही तकनीकी, परिचालन, परीक्षण और प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। अब दिव्यांग इंजीनियरों की मैदानी तकनीकी कार्यों में भागीदारी कंपनी के कार्यक्षेत्र में उनकी सहभागिता का एक और उदाहरण कंपनी में प्रोक्योरमेंट में कार्यरत कार्यपालन अभियंता विकास श्रीवास्तव, टेस्टिंग डिविजन टीकमगढ़ के सहायक अभियंता जी.पी. राय, अकाउंट्स ऑफिसर नेहा गुप्ता सहित अन्य दिव्यांग अधिकारी भी विभिन्न विभागीय दायित्वों का निर्वहन सामान्य कर्मियों की तरह कर रहे हैं।
