जबलपुर भारतीय आध्यात्म मनीषा के सैद्धांतिक आधार ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के वैश्विक भाव को साकार करने के लिए ‘समरसता’ नामक जिस मानवीय मूल्य की मूलभूत आवश्यकता है, उसे साकार करने की दिशा में सब सबको जाने – सब सबको माने के सूत्र के साथ समरस भारत से समर्थ भारत के ध्येय को लेकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे ‘समरसता सेवा संगठन’ ने वर्ष 2026 – 27 की कार्ययोजना में कई नवीन बिंदुओं को शामिल किया है।संगठन के सदस्यों की आम राय से मौजूदा वर्ष के लिए बनी कार्ययोजना में पारंपरिक आयोजनों के साथ नए आकर्षणों पर भी जोर दिया गया है। इस वर्ष के आयोजनों में ‘समरसता’ के प्रवाह के साथ ‘सेवा’ और ‘संगठन’ के विस्तार पर फोकस है। इस आशय की जानकारी ‘समरसता सेवा संगठन’ के अध्यक्ष पवन पांडे, सचिव मनोज सेठ, आयोजन प्रभारी उज्जवल पचौरी ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता में दी।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि बीते तीन वर्षों में संगठन के निवृत्तमान और आजीवन संस्थापक अध्यक्ष श्री संदीप जैन जी ने विचार प्रवाहना और प्रकृति आराधना के माध्यम से समरसता का सफल संदेश दिया। विगत तीन वर्षों में समरसता सेवा संगठन ने अपने आराध्य, महापुरुषों, देवियों की जन्म जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया जिसमे प्रथम वर्ष समाज के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया, दूसरे वर्ष में समाजसेवा का कार्य कर रहे वरिष्ठ जनों सम्मान किया गया, तीसरे वर्ष में जयंतियों पर विचार गोष्ठी के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को लेकर पौधारोपण किये गए.समरसता सेवा संगठन के संस्थापक अध्यक्ष श्री संदीप जैन के मार्गदर्शन में नई कार्यकारिणी ने इस वर्ष 2026-27 के कैलेंडर में प्रकृति पूजा के साथ मानव सेवा और संगठन विस्तार की कार्ययोजना बनाई है।
*महादेव पूजन भी गुरु वंदन भी -*
वार्षिक कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस वर्ष समरसता नामक मूल्य के प्रणेता भगवान शिव का विराट पूजन-अर्चन होगा तो वहीं जीव को ईश्वर से मिलाने वाले गुरुजनों का सामूहिक चरणवंदन भी होगा। पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार को विराट ‘समरसता शिवलिंग निर्माण एवं श्री महारुद्राभिषेक महामहोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। सर्वजाति समाज के लोग एक साथ आशुतोष भगवान शिव की पूूजा-अर्चना कर इस महाअनुष्ठान में सहभागिता करेंगे। अध्यक्ष-सचिव ने बताया कि गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर संस्कारधानी वासियों को अपने-अपने गुरु जनों की पूजा-अर्चना एक ही स्थान पर करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। धर्मक्षेत्र के सभी गुरुजन समरसता सेवा संगठन के मंच पर विराजमान होंगे। विधि-विधान से गुरुशक्ति का पूजन-वंदन होगा। आयोजन में आम जन भी गुरुवंदन करेंगे।
*भव्य होंगे पारंपरिक आयोजन -*समरसता सेवा संगठन की पहचान बन चुके पारंपरिक आयोजन और भव्यता तथा दिव्यता के साथ मनाए जाएंगे। बताया गया कि शिवरुद्रामहाभिषेक के दिन ही ‘समरसता कजलियां महोत्सव ’ के पात्र वितरित होंगे। इन पात्रों में सर्वजाति समाज के लोग कजलियां बोएंगे और फिर नए उत्साह के साथ कजलियां मिलन समारोह में शामिल होंगे।इस आयोजन के पूर्व ‘समरसता भृगु वाटिका’ में प्रकृति पूजन-आराधन करते हुए ‘वृहद समरसता पौधारोपण’ की संयोजना की जाएगी। बीते वर्षों की तुलना में और अधिक संख्या में फलदार-छायादार पौधों का रोपण कर धरती मैया के प्रकृति यज्ञ में बतौर आहुति सभी सदस्य अपनी सहभागिता देंगे। बताया गया कि मार्च में रंगपंचमी के दौरान होने वाले चर्चित ‘समरसता होली मिलन’ को नया स्वरूप देने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस आयोजनों में देश भर की सांस्कृति छटा से संस्कारधानी वासी रूबरू होंगे।
*शक्ति आराधना से समरसता -पत्रकार वार्ता में बताया गया कि समरसता सेवा संगठन का मूल उद्देश्य ही समाज में समरसता का भाव जागृत करना है। इस जागृति की ज्योत प्रज्वलित करने ‘नारी शक्ति’ और ‘युवा शक्ति’ को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रमों की संयोजना की गई है इस वर्ष महिला शक्ति को समर्पित ‘समरसता गरबा महा महोत्सव’ का जहां आयोजन किया जाएगा तो वहीं युवा शक्ति में समरसता का भाव जागृत करने ‘समरसता क्रिकेट प्रीमियम लीग’ का भी आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। समरसता गरबा महोत्सव में शक्ति आराधना की पवित्रता को साकार करते हुए महिलाओं का शक्ति वंदन होगा तो वहीं सर्वजाति समाज के युवाओं को खेल के माध्यम से संगठित करते हुए उनमें समरसता की अलग जगाई जाएगी।जयंती के साथ दिवसों का आयोजन नई कार्ययोजना के बारे में सविस्तार जानकारी देते हुए बताया गया कि इस वर्ष जयंतियां मनाने के साथ ही राष्ट्रीय दिवसों को आधार बना कर मानव सेवा की संकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जाएगा। मधुमेह दिवस – नशामुक्ति दिवस पर जहां आम जनों के लिए जन जागरण कार्यक्रम होंगे तो वहीं जांच शिविर का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने का कार्य भी समरसता सेवा संगठन करेगा। जन जातीय गौरव दिवस, परिवार दिवस पर गो रक्षण-संरक्षण, गोसेवा, कृषि विकास की दिशा में आयोजन होेंगे। आयुर्वेद दिवस पर भारतीय चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होगा। इस आयोजन में भारतीय आर्युवेद और वैदिक मनीषा के आधार पर तन-मन और चित्त-चेतना के समग्र स्वास्थ्य की दिशा देशना समाज के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
सभी समाजों के आयोजनों में सहभागिता –
समरसता सेवा संगठन ने बीते वर्षों में सभी समाज-जातियों के महापुरुषों की जयंती अथवा प्राकट्य दिवस पर आयोजन किए हैं। इन आयोजनों का मूल भाव ‘सब सबको जाने-सब सबको माने’ ही था। पूर्व की सफल कार्यकारिणी ने अध्यक्ष संदीप जैन की दिशा देशना में सभी समाजों के महापुरुषों की सीख एवं उनके आदर्श वचन सर्व समाज के सामने वर्तमान प्रासंगिकता के आधार पर प्रस्तुत किए। सभी समाजों के प्रबुद्धजनों और विशेष सफलता प्राप्त करने वालों को सम्मानित भी किया। इस वर्ष इन सभी सामाजिक आयोजनों में ‘समरसता सेवा संगठन’ की प्रभावशाली उपस्थिति रहेगी। सभी समाज के प्रबुद्धजनों और विभूतियों को ‘समरसता यज्ञ’ के पावन भाव यज्ञ में आहुति प्रदान करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। समय-समय पर विचार गोष्टियां भी होंगी तो वहीं अन्य सेवा कार्य भी होंगे।
*- समरसता सेवा संगठन की वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना -*जून 2026 : नशा मुक्ति एवं मधुमेह पर संगोष्ठी सहित अन्य आयोजन। जुलाई 2026 : वृहद पौधारोपण प्रकृति सेवा महायज्ञ का आयोजन।जुलाई 2026 : गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर सामूहिक गुरुपूजन एवं वंदन।अगस्त 2026:तीसरे सावन सोमवार पर श्री रुद्राभिषेक महोत्सव का आयोजन एवं कजलिया मिलन महोत्सव।सितंबर 2026 : राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन।अक्टूबर 2026 : मातृ शक्ति को समर्पित वृहद समरसता गरबा महा महोत्सव कर आयोजन। नवंबर 2026 : जन जातीय गौरव दिवस के अवसर पर स्वदेशी एवं गौ वंश की महत्ता आधारित आयोजन।दिसंबर 2026 : युवा शक्ति को समर्पित समरसता प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता समरसता मैत्री क्रिकेट कप प्रतियोगिता।जनवरी 2027 : संक्राति महा महोत्सव के तहत पतंग महोत्सव एवं समरसता खिचड़ी भोग का आयोजन।फरवरी 2027 : नर्मदा प्राकट्य महोत्सव पर वृहद भंडारा एवं सर्वसमाज/सर्वसुझाव सुझाव बैठक का आयोजन।मार्च 2027 : रंगपंचमी के अवसर पर समरंग यात्रा का आयोजन एवं समरसता होली महोत्सव का आयोजन।अप्रैल 2027 : समरसता गौरव दिवस के तहत विशेष गोष्ठी एवं अन्य सांस्कृतिक आयोजन।मई 2027 : परिवार दिवस के तहत पारिवारिक मूल्यों को समर्पित विशेष आयोजन।
