जबलपुर(नवनीत दुबे) संस्कारधानी में बीते दिन सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया गया था,आगाज बड़ा शानदार था लेकिन समापन सांसद आशीष दुबे की प्रतिष्ठा पर आरोप के आग की आंच दे गया ?खेल महोत्सव में शामिल हुए प्रतिभागियों ने समापन अवसर पर जमकर हंगामा कर दिया ,हालांकि खिलाड़ी प्रतिभाओं का हंगामा करना भी कही न कही उचित था,सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर कड़कड़ाती ठंड में माहौल इस बात पर गर्मा गया जब प्रतिभागी खिलाड़ियों ने अपने अपने मेडल ओर साँसद आशीष दुबे द्वारा प्रदत्त की गई धनराशि के लिफाफे वापस लौटा दिए ,खिलाड़ियों का कहना था के उन्हें ये कहा था के खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का सांसद जी द्वारा मैडल पहना कर सम्मान किया जायेगा और प्रोत्साहन राशि 11,000 से21,000 की मिलेगी जिसके विधिवत लिफाफे सभी को दे दिए जायँगे ,पर हाय री विडंबना यहाँ भी सियासती आश्वाशन की ही तर्ज पर धनराशि में घपला कर दिया गया बेचारे खिलाड़ियों को जो लिफाफा दिया गया उसमें किसी लिफाफे में 500 रुपये तो किसी मे 1000 रुपये की राशि थी?
इसी बात को लेकर सांसद खेल महोत्सव में शामिल हुए प्रतिभागियों में आक्रोश पनप उठा ,ओर इसकी शिकायत सांसद आशीष दुबे से खिलाड़ियों ने की पर साँसद जी ने उन खिलाड़ियों की आहत भावनाओ को दरकिनार कर उनकी बात तक नही सुनी और अपने कार्यकर्ता से इस विषय मे बात करने का कह कर वहा से निकल गए,ऐसा हो भी क्यो न भैया अब सांसद है कोई आम कार्यकर्ता थोड़े जो किसी को इतना समय दे के वो अपनी पीड़ा सुना सके,जिन खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव को सफल बनाने अपने खेल का प्रदर्शन जी जान से किया वो बेचारे खुद को ठगा महसूस कर रहे थे,हद तो तब हो गई जब सांसद जी के व्यक्ति विशेष द्वारा व खेल अधिकारी द्वारा खिलाड़ियों को ये तक धमकी दे दी गई के अगर जादा हल्ला करोगे तो केरियर खत्म कर दिया जायेगा भविष्य में खेलने लायक नही रहोगे ,मद्दे की बात पर आते है सांसद खेल महोत्सव के इस आयोजन में जिस मापदंड अनुसार राशि वितरित होना नियत हुआ था ,उसका ईमानदारी से पालन क्यो नही किया गया ?या फिर प्रतिभागी खिलाड़ी सांसद आशीष दुबे की छबि धूमिल करने हंगामा कर रहे थे ?वैसे एक बात तो सत्य है वो सब खिलाड़ी है और उन्हें खेल जगत में अपनी पहचान बनाने का जुनून है ,न के राजनीति में आने की कोई मंशा है उनकी अब ऐसे में प्रश्न ये उठता है के खिलाड़ियों को सांसद प्रोत्साहन राशि की रकम सुनने में चूक हो गई थी या फिर नियत 11000 व 21,000 की राशि ही वितरित होनी थी ,अगर खिलाड़ियों द्वारा बताई जा रही राशि मे कोई झलमझोल किया गया है तो आखिर कौन है जो सांसद खेल राशि डकार गया और खिलाड़ी युवाओ को चॉकलेट बिस्कुट खाने 500 का लिफाफा दे रहा था ?
