जबलपुर। सरकारी स्कूलो में बच्चो को जरूरी सुविधाये दिये जाने की घोषणाये कागजी साबित हो रही है और जिम्मेदारो की लापरवाही के कारण शहर के कई स्कूलो में जल संकट बना हुआ है। सुभाष नगर के शासकीय प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय मे 2 सौ बच्चे पढ़ते है। यहां की बोरिंग कई माह से खराब होने का मामला सामने आया है। करमेता स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में 350 बच्चे पढ़ते है। स्कूल से 2 सौ फिट दूरी पर पानी की टंकी है, किन्तु आज तक स्कूल में नल का कनेक्शन नही किया गया। भरतीपुर स्थित पेशकारी में शासकीय स्कूल के साथ आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है, जहां 70 बच्चे पढ़ते हैं। यहां भी जल संकट बना हुआ है और बच्चों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है, साथ ही मध्यान्ह भोजन बनाने में और बर्तन धोने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मप्र मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर जनहित में मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुये, अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया मानव अधिकारो के हनन का मामला मानकर, जबलपुर के नगर निगम आयुक्त से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में तलब किया है।
