छावनी जनआक्रोश समिति की केंट बोर्ड सीईओ से तीखी नोंक-झोंक, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा – 10 दिन में निराकरण नहीं तो उग्र आंदोलन, सीईओ के इस्तीफे की मांग

News Desk
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जबलपुर,  छावनी जनआक्रोश समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आज जबलपुर केंट बोर्ड कार्यालय में सीईओ को प्रधान निदेशक, रक्षा संपदा विभाग, मध्य कमान, लखनऊ के नाम जन-आक्रोश पत्र सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यालय में भारी गहमा-गहमी रही। आरोप है कि सीईओ समस्याओं से बचते नजर आए और अधीनस्थ अधिकारियों को भेजा, जिन्हें समिति ने बैरंग लौटा दिया। *समिति ने आरोप लगाया कि सीईओ सत्तारूढ़ दल के सांसद एवं क्षेत्रीय विधायक की बातों की भी खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं* और नियमों की आड़ में स्वयं नियम-विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। समिति अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने *केंट बोर्ड सीईओ पर भ्रष्टाचार, हिन्दू कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना और व्यापारियों-जनता पर दमनात्मक कार्रवाई* का गंभीर आरोप लगाते हुए *सीईओ के इस्तीफे की मांग तेज* कर दी है। अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी* ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिवस में मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो भ्रष्टाचारी सीईओ की बर्खास्तगी, अर्थी जुलूस, पुतला दहन और छावनी परिषद के घेराव के लिए बाध्य होंगे।प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें *1. भेदभाव बंद हो:* हिन्दू कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना बंद हो। वर्षा ऋतु में कार्रवाई प्रतिबंधित होने के बावजूद कार्रवाई बंद हो रही। सदर मेन रोड में रियाज होटल द्वारा 2000-3000 स्क्वायर फीट रक्षा भूमि पर अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।2. धार्मिक स्थलों की रक्षा:* मोदी बाड़ा, मंगलम भवन मंदिर में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशानुसार पुजारी नियुक्त हो, पूजन सामग्री की व्यवस्था हो, मूर्ति से छेड़छाड़ न हो और भवन किराए पर न दिया जाए। गोराबाजार बरोछी मंदिर प्रतिदिन आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जाए।3. जनता को राहत:* टैक्स, ट्रेड लाइसेंस में अनाप-शनाप वृद्धि बंद हो, प्रताड़ना बंद हो। मकान-दुकान सील करना बंद हो, सील किए गए मकान-दुकानों को खोला जाए।4. भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच:* खंबताल तालाब सफाई-गहरीकरण घोटाला, दैत्याकार यूनीपोल घोटाला, मार्केट निर्माण में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच हो। सभी निर्माण योजनाओं की लागत नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक की जाए।5. रामलीला मैदान: सदर रामलीला मैदान के दूसरे प्रवेश द्वार की अवैध दीवार तोड़कर द्वार तत्काल खोला जाए तथा भवन-शौचालय दुरुस्त किए जाएं।6. अवैध गतिविधियों पर रोक:* अस्पताल के बाजू की अवैध सब्जी दुकानें, गली-मोहल्लों में अवैध मांस-मटन बिक्री, कॉफी हाउस गेट पर ठेलों से फैली दुर्गंध और अतिक्रमण पर कार्रवाई हो।7.जनसुनवाई व पारदर्शिता:* प्रति मंगलवार जनसुनवाई में अध्यक्ष (ब्रिगेडियर) व सीईओ स्वयं बैठें। टैक्स/किराया नगद जमा करने की व्यवस्था कार्यालय में हो। नागरिक प्रतिनिधि के बिना बोर्ड मीटिंग अमान्य हो और एजेंडा पहले सार्वजनिक हो। अस्पताल जांच फीस कम हो।8. काले कानून व आर्मी हस्तक्षेप खत्म हो:* 1924 के अंग्रेजों के काले कानून समाप्त कर संविधान अनुसार कानून बने। सिविल एरिया में अनावश्यक आर्मी हस्तक्षेप बंद हो।9. देशव्यापी ट्रांसफर:* CEO/अध्यक्ष की तरह ही छावनी बोर्ड के अन्य अधिकारियों एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के भी देशव्यापी ट्रांसफर किए जाएं ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगे।10. गोराबाजार शराब दुकान:* अतिक्रमण भूमि पर बनी गोराबाजार की शराब दुकान, जिसे हटाने के लिए CEO दो बार नोटिस दे चुके हैं, को अभी तक सील क्यों नहीं किया गया? अतिशीघ्र कार्रवाई हो।इस अवसर पर कन्हैया तिवारी, राजेश रजक, जागेश राव, नकुल गुप्ता, पवन यादव, हरी केसवानी, दिनेश कुशवाह, सतीश अग्रवाल, भागचंद पटेल, पंकज गुप्ता, डॉ. ऋषि बावरिया, रोशन गौतेल, आकाश कुशवाहा, विक्रम सिंह, नितिन नामदेव, आकाश चौधरी, गांधी चौकसे, विकास मलिक, दीपक सेन, केदार नामदेव, माइकल सुखदान, मनोज राजपूत, विक्की अग्रवाल, वीरेंद्र साहू, श्रीनिवास नायडू, शैलेंद्र राव पप्पू, शिव राव, नीरज राजपूत, आशीष विश्वकर्मा, राजकुमार चौहान, मोनू पासी, चिंटू शुक्रवारे, नरबद गुप्ता आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे l

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