जबलपुर(नवनीत दुबे)मानसून ने अभी पूर्ण रूप से दस्तक दी भी नही के नगर पालिका निगम के विकास के ढोल की पोल खुलने लगी,नगर सत्ता के प्रधान महापौर जगत बहादुर अन्नू जहाँ एकतरफ विकास के दावों की बड़ी बड़ी बात करते नही थक रहे और शहर विकास पर हो रहे करोड़ो रूपये के व्यय की बात कर रहे है,तो वही महापौर जी के करोड़ो रूपये का कागजी विकास सड़को पर तैरता नजर आया ,जरा सी बारिश में ही संस्कारधानी जिसे स्मार्ट सिटी के ताज से नवाजा गया है और अंध मूक सर्वे टीम द्वारा कुरूप सिटी को लिफाफा ,तिलक, सत्कार ,की भेंट स्वीकार कर स्वच्छ, सौन्दर्यवान स्मार्ट सिटी का अवार्ड दिया जा रहा है ?

मुद्दे की बात पर आते है बारिश की एक हल्की सी झलक ने दावों वादों की कलाई खोल कर रख दी है,पर हाय री निर्लज्ज व्यवस्था जो कथरी ओठ कर घी पीने में व्यस्त है,अपनी नाकामियों को छुपा कर सिर्फ कमीशन की बंदरबांट में जुटी है ?तो वही दूसरी ओर संस्कारधानी वासी इस निक्कमी व्यवस्था को कोसते नही थक रहे,विडंबना ही कहेंगे के पोहा पार्टी, सांस्कृतिक आयोजन,भाजपाई दिग्गजों,मंत्रियों की जी हुजूरी में व्यस्त नगर सत्ता के जिम्मेदार साथ ही नगर पालिका निगम के अधिकारी कुरूप सिटी की बदहाल व्यवस्था के प्रति अंधमुक बधिर बने हुए है ?अब देखना ये है के मानसून में शहर की जो दुर्गति जलप्लावन से होने वाली है उसके प्रति जिम्मेदार किस मुह से जनमानस के सवालों का जवाब देते है ,
