चैत्र नवरात्र’ में होगा ‘समरसता गरबा महोत्सव’*

News Desk
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जबलपुर जगत जननी जगदंबा मां भगवती की आराधना को समर्पित समरसता गरबा महोत्सव का आयोजन शारदेय नवरात्र की बजाय अब चैत्र नवरात्र में होगा। इस आशय का निर्णय सर्वजाति समाजों की मातृशक्ति के सुझावों के तहत लिया गया। वहीं समरतसता सेवा संगठन द्वारा आयोजित किए गए समरसता कजलियां महोत्सव में हुई विविध सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण आगामी 04 अक्टूबर को तथा प्रकृति सेवा के तहत विगत तीन वर्षों से जारी पौधारोपण अभियान के तहत इस बार एक हजार औषधीय पौधे का रोपण करने का निर्णय भी लिया गया है। इस आशय की विस्तृत जानकारी जानकारी समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष पवन पांडे, सचिव मनोज सेठ ने गोपाल सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।गरबा की पवित्रता के प्रति संकल्पित पत्रकार वार्ता में बताया गया कि चूंकि गरबा मां की आराधना से जुड़ा साधनात्मक सांस्कृतिक आयोजन हैं, और समरसता सेवा संगठन पारंपरिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। इस कारण सभी मातृशक्तियों ने माना कि एकाग्र आराधना चैत्र नवरात्र में ही संभव होगी। अभी भक्त भी उत्सवी माहौल में रहते हैं। माताओं-बहनों ने इस बात पर खुशी जाहिर की, कि समरसता सेवा संगठन गरबा को आधुनिक और व्यवसायिक रूप से निकाल कर उसे भक्तिमयी धार्मिक पारंपरिक स्वरूप देना चाहता है, अत: इसका आयोजन चैत्र नवरात्र में ही सही रहेगा।नन्हीं प्रतिभाएं होंगी पुरस्कृत श्री पांडे ने बताया विगत दिनों में आयोजित समरसता कजलिया महोत्सव के अंतर्गत हुईं निबंध, थाली सजाओ और सांस्कृतिक वेशभूषा प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह दिनांक 4 अक्टूबर रविवार को जानकीरमण कॉलेज आगा चौक में शाम 4:00 बजे से आयोजित किया जाएगा। दो वर्गों में विभाजित इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के लिए प्रतिभाओं को आकर्षक उपहार दिए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिताओं में उत्साह दिखाने वाले समस्त प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।सेवा संकल्प अभियान से जुड़ेगा पौधारोपण श्री पांडे ने बताया समाज सेवा के साथ ही प्रकृति सेवा को महत्व देने वाले वार्षिक प्रकृति सेवा आयोजन को इस बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आव्हान पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर मां वसुंधरा की आराधना होगी। हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री जी ने चूंकि समाज के हर वर्ग को जोड़ने की बात कहते है, और उनके साथ कदम मिलाते हुए आगामी 9 अक्टूबर शुक्रवार को नर्मदा तट घुघरा में एक हजार औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इस अभियान में कृषि विश्व विद्यालय और भेड़ाघाट नगर परिषद का भी सहयोग लिया जा रहा है। श्री पांडे एवं श्री सेठ ने बताया कि चूंकि प्रधानमंत्री आयुर्वेद को महत्व दे रहे हैं, अत: तय किया गया है कि इस बार पूर्णत स्वदेशी औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा।समरसता भृगु आरोग्य वाटिका तैयार श्री पांडे ने बताया प्रकृति सेवा के लिए संकल्पित समरसता सेवा संगठन ने पौधारोपण के लिए घुघरा लम्हेटाघाट में आकार्षक ह्यसमरसता भृगु आरोग्य वाटिका की संयोजना की है। 9 अक्टूबर को होने वाले वृहद औषधीय पौधारोपण अभियान की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रहीं हैं। पौधा रोपण में मुख्य अतिथि के रूप में लोक निर्माण विभाग मंत्री मान. श्री राकेश सिंह जी उपस्थित रहेंगे।समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री पांडे ने बताया कि यह सिर्फ पौधारोपण नहीं अपितु प्रकृति की आराधना है। नर्मदा तट पर नीम, तुलसी, गिलोय, आँवला, अशोक, अर्जुन, बेल, शतावरी, एलोवेरा जैसे स्वदेशी औषधीय पौधे लगाए जाएंगे, जो आने वाले समय में नर्मदा तट के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और जन-स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे। बताया गया कि एक औषधीय पौधा आने वाले वर्षों में छाया, शुद्ध वायु, जैव-विविधता और प्राकृतिक संपदा का आधार बन सकता है।महत्वपूर्ण है आयुर्वेद की प्राकृतिक परंपरा अध्यक्ष पवन पांडे ने बताया कि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप जैन जो जो वर्तमान में जेडीए के भी अध्यक्ष हैं, ने समरसता सेवा संगठन को शुरू से आयुर्वेद सहित सभी भारतीय प्राकृतिक संसाधनों और प्रकृति की परंपरा को जनसेवा से जोड़ने का कार्य किया है। यह आयोजन भी इसी कड़ी का हिस्सा है। संदीप जी कहते रहे हैं कि प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि हमारी स्वास्थ्य-संपदा और जीवनदायिनी शक्ति है। भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को सदैव औषधि, जीवन और सेवा का माध्यम माना गया है। आयुर्वेद ने भी प्रकृति में उपलब्ध वनस्पतियों के औषधीय गुणों को मानव स्वास्थ्य से जोड़ा है।उन्होंने कहा इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से औषधीय पौधा रोपण एवं प्रकृति सेवा अभियान का संकल्प लिया जा रहा है। समरसता सेवा संगठन ने इस वृहद औषधीय अभियान में समस्त पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर नर्मदा सेवा और प्रकृति सेवा में सहभागी बनने की अपील है।उन्होंने बताया इसके साथ ही आगामी दिसंबर माह में युवा खेल प्रतिभाओं को निखरने के उद्देश्य के तहत समरसता क्रिक्रेट प्रीमियम लीग का आयोजन किया जायेगा।श्री पांडे ने कहा आपके माध्यम से संस्कारधानी के सभी नागरिकों से निवेदन है कि जनहित, प्रकृति हित और समाज हित के लिए संकल्पित हमारे अभियान में सहभागी बने।पत्रकार वार्ता में पं रोहित दुबे, अखिल मिश्रा, उज्जवल पचौरी, राजीव राठौर, शिवरतन पटेल उपस्थित थे।

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