जबलपुर। स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। उपभोक्ताओ की सहमति लेना जरूरी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट का है। इसके बावजूद भी जिले में विद्युत कंपनी के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही जबरन स्मार्ट मीटर लगाये जाने का मामला सामने आया है। पूक्षेविवि कंपनी के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को परेशान करके मीटर बदलने के लिये मजबूर कर रहे हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को कई गुना ज्यादा बिल आ रहा हैं और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गत दिनों इनकम टैक्स चौराहा चर्च कंपाउंड में पंकज बोरो के निवास पर स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर घर की बिजली ही काट दी गई। मजबूर होकर उन्हें स्मार्ट मीटर लगवाना पड़ा। मप्र मानव अधिकार आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर जनहित में मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के उल्लंघन का मामला मानकर, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर के एमडी से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
